बोलने वाली गुफा
एक भूखा शेर शिकार की तलाश में एक गुफा में जा
छिपा।
उसने सोचा कि शाम को जब गुफा का मालिक आएगा,
तो वह उसे मारकर अपनी भूख मिटा लेगा।
गुफा की मालकिन एक चतुर लोमड़ी थी। जब वह
वापस आई, तो उसे गुफा के बाहर शेर के पंजों के
निशान अंदर जाते हुए दिखे, लेकिन बाहर आते हुए
नहीं।
संदेह दूर करने के लिए लोमड़ी ने एक चाल चली।
वह गुफा से चिल्लाकर बोली, "अरे गुफा! क्या आज
तुम मुझे बुलाओगी नहीं?"
शेर को लगा कि शायद यह गुफा बोलती है और आज
उसके डर से चुप है।
मूर्ख शेर अपनी भारी आवाज़ में गरजकर बोला, "आ
जाओ मेरी सहेली!"
शेर की आवाज़ सुनते ही
लोमड़ी जान बचाकर भाग
निकली।
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