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Tuesday, 25 August 2020

Rivers of india , tributories , gangatic plain , deccan river , ganga , yamuna brahmaputra , godavri , kaveri , भारत की सभी मुख्य नदियां और उनकी सहायक नदियां

 भारत की सभी मुख्य नदियां और उनकी सहायक  नदियां



नदियों से पहले भारत के 2 मुख्य Indogagnetic Plain और Peninsular Plateau के बारे में थोड़ा जान लेते हैं



Indogagnetic Plain को Indus Ganga Plain भी कहते हैं और यह Plain गुजरात , राजस्थान , पंजाब और West Bangal तक फैला हुआ है इस Reason को indus valley civilization ( सिंधु घाटी सभ्यता ) भी कहते हैं और इसे Great plain भी कहते हैं इस plain की Main River है Ganga , Indus और उनमें शामिल होने वाली नदियां है यमुना , गोमती , चंबल , सतलज और चेनाब आदि नदी शामिल होती है 

वहीं दूसरी ओर Peninsular PlateauIndogagnetic Plain के नीचे आने वाला पार्ट है इसे Peninsular Plateau इसलिए कहा जाता है

क्योंकि ये गोंडवाना लैंड का हिस्सा था  


Peninsular Plateau में Deccan Plateau , Western Ghats , Eastern Ghats , Aravali Hills और Vindhya range आदि आते हैं 


South की ओर बहने वाली नदियों को Southern river भी कहते हैं |



बहुत अधिक नदियां हिमालय से बनकर निकलती है और नदियां या तो Bay of Bangal मैं जाकर मिलती है या फिर Arabian Sea में |


इन नदियों को उत्तर भारत की नदियां ( या North indian rivers ) भी कहा जाता है |


इसके अलावा बहुत सी नदियां जो Peninsular Plateau मैं बहती है  :- वह अधिकतर Western Ghats से बनकर निकलती हैं और Bay of Bangal के समुद्र से जाकर मिलती है इन नदियों को दक्षिण भारत की नदियां कहा जाता है |



दो नदियां Narmada और Tapi एक Exception नदियां हैं |  ये नदियां Arabian Sea में जाकर मिलती हैं |


अब हम बात करते हैं  :-  हिमालय Rivers की  


हिमालय की मुख्य Rivers में Indus Ganga और Brahmaputra आदि आते हैं | यह सभी नदियां बहुत बड़ी है और इनकी कई सहायक नदियां हैं जिन्हें हम Triburattaries भी कहते हैं : - 



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सबसे पहले हम Indus नदी और उसकी सहायक नदियों के बारे में जानते हैं



 Indus नदी तिब्बत में मानसरोवर के पास से निकलती है और भारत के Jammu and Kashmir के Ladakh district में प्रवेश करती है इसी तरह Satlej नदी भी तिब्बत में Rakas Lake जो मानसरोवर के पास है वहां से निकलती है और हिमाचल प्रदेश में प्रवेश करती है |



 वहीं हिमाचल प्रदेश से हिमालय Rohtang pass से निकली नदी Beas , Satlej नदी में पंजाब के Harike में जाकर मिल जाती है |



 वही हिमाचल से Kullu Hills के Rohtang pass से निकली एक और नदी Ravi है जो कि पंजाब और पाकिस्तान के लंबे Border से होते होते आगे चलकर Chenab नदी के साथ मिल जाती है पाकिस्तान में | 





अगर Chenab नदी की बात करें तो ये दो stream जिनका नाम चंद्रा और भागा है  , जो हिमाचल प्रदेश के कीलॉन्ग(Keylong) के पास Tandi पर मिलती है वहीं से Chenab नदी बनती है इसलिए इसको चंद्रभाग भी कहा जाता है | 



Jehlam नदी भी बेरीनाग जो Pir - Panjal के पहाड़ों के नीचे है वहां के झरनों से बनकर निकलती है और फिर यह श्रीनगर से होते हुए पाकिस्तान में दाखिल हो जाती है |


ये सभी नदियां Satlej , Beas , Ravi , Chenab और Jehlam पाकिस्तान में एक दूसरे के साथ मिलती जाती हैं और फिर से Indus में पाकिस्तान के Mithankot में जाकर मिल जाती है |




अब हम River Ganga के बारे में जानते हैं और कौन-कौन सी नदियां River Ganga में मिलती है उन नदियों को भी विस्तार से जानते हैं |


River Ganga उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के  गोमुख के पास Gangotri Glacier से बनकर निकलती है | यहां से इसे Bhagirathi नदी कहा जाता है  , फिर यही Bhagirathi नदी देवप्रयाग में Alaknanda नदी से मिल जाती है और फिर यहां से इसे River Ganga के नाम से जाना जाता है |





Alaknanda नदी का स्रोत satopanth Glacier है

जो बद्रीनाथ के ऊपर है |


 Alaknanda नदी में कई अन्य नदियां भी शामिल है Alaknanda नदी को satopanth Glacier से Joshimath तक vishnu गंगा कहते हैं ,


 


 और यही Alaknanda ,  Joshimath पर यह

 ( Dhauli Ganga )  धौलीगंगा  , जो उत्तराखंड के Chamoli district से बनकर निकलती है ,  उसके साथ मिलकर यह पूरी Alaknanda नदी कहलाती है यही vishnu prayag है | 




इसी Alaknanda में Pindar Ganga नदी Karnya Prayag में मिलती जाती है , यह Pindar Ganga , Pinder Glacier जो कि Bhageshwar district  उत्तराखंड  मैं स्थित है वहां से बनकर निकलती है |


 Alaknanda में एक और नदी Mandakini जिसे कुछ लोग कालीगंगा भी कहते हैं वह रुद्रप्रयाग में मिल जाती है |



 फिर अलकनंदा जो अब गंगा कहलाती है वह पहाड़ों से हरिद्वार के plane surface मैं दाखिल होती है फिर गंगा ,  साउथ की तरफ यानी नीचे की और उसकी दिशा हो जाती है | 


 फिर धीरे-धीरे उसकी दिशा साउथ ईस्ट की तरफ यानी बंगाल की तरफ होती जाती है |



फिर गंगा में एक छोटी नदी रामगंगा ( Ram Ganga ) , Garwall Hills से निकलती है और कन्नौज में शामिल हो जाती है |



, यही गंगा आगे चलकर इलाहाबाद में यमुना नदी को अपने में सम्मिलित कर लेती है |





अगर यमुना (Yamuna ) , नदी की बात करें तो यमुना नदी Yamunotri Glacier हिमालय से बनकर निकलती है और साथ ही उन नदियों को अपने साथ मिलाती जाती है , जो हिमालय की बजाय Peninsular Plateau से बनकर निकलती हैं सिंध (Sindh) नदी , चंबल ( Chambal ) नदी , बेतवा ( Betwa)  नदी और केन ( kane )   नदी   आदि आती है |


इसमें चंबल( Chambal )  मध्य प्रदेश के Mhow के पास के Malwa plateau से बनकर निकलती है और ये Mhow इंदौर के पास है और फिर राजस्थान के Kota और Dhaulpur से होते हुए उत्तर प्रदेश के Jalaun district में यमुना में शामिल हो जाती है |



यही Jalaun district में फिर सिंध नदी , (Sindh) जो मध्य प्रदेश के Vidisha District से निकलती है वह भी यमुना में सम्मिलित हो जाती है |





बेतवा ( Betwa river ) मध्य प्रदेश के Vindhya range  Hoshangabad निकलती है और फिर उत्तर प्रदेश के Orachha (ओरछा)  से होते हुए हमीरपुर में यह यमुना नदी में सम्मिलित हो जाती है |



 बेतवा के बाद केन ( kane ) नदी जो कटनी डिस्ट्रिक्ट (katni District ) मध्य प्रदेश जबलपुर ( jabalpur ) के पास से बनकर निकलती है ,  बांदा के चिल्ला घाट ( Chilla ghat )  में यमुना में सम्मिलित हो जाती है |




गंगा और यमुना का इलाहाबाद में संगम होने के बाद यह गंगा बन जाती है , और वाराणसी के खेती ( khaiti)  में गोमती (Gomti river ) जो गोमती ताल जिसे पहले फुलहर झील (Fulhar lake) भी कहा जाता है , जो मधुतांत पीलीभीत (Madhutant Pilibhit ) डिस्टिक से बनकर निकलती है और यहां यमुना में सम्मिलित हो जाती है |




गंगा अब वाराणसी पार करते हुए बिहार के छपरा में दाखिल हो होती है , इसी छपरा में नेपाल से निकली घाघरा नदी जो तिब्बत के Mapchachungo Glacier    ( मैपचाचिंगो ग्लेशियर ) ,ग्लेशियर से नेपाल में आती है इसे करनाली नदी के नाम से भी जाना जाता है और यह गंगा में शामिल हो जाती है |


 



 फिर गंगा नदी में पटना के पास से सन(Son) नदी जो मध्य प्रदेश के अमरकंटक (Amarkunthak) से बनकर निकलती है और फिर नार्थ ईस्ट की तरफ बढ़ते हुए उत्तर प्रदेश झारखंड से गुजरते हुए बिहार के आरा जिले में यह गंगा में सम्मिलित हो जाती है |



 इसके बाद नेपाल से निकली गंडक (Gundak) रिवर , नारायणी नदी के नाम से भी जाना जाता है जो हिमालय के भोला गिरी के पास के झरनों से जिनमें एक का नाम काली गंडक (Kali Gandaki) ,    है और दूसरे का नाम  त्रिशूली   ( Trishuli River )   है ,  इन दोनों से मिलकर बनती और फिर बिहार के चंपारण (champaran) सोनापुर मैं गंगा में शामिल हो जाती है |






 तिब्बत और नेपाल के हिमालय के बीच से एक और नदी कोशी (kosi) , नेपाल से बिहार में आती है , इसे Sorrow of Bihar भी कहते हैं क्योंकि यह बिहार में कभी-कभी तबाही भी लाती  है , यह नदी बिहार के कुर्सेला (Kurusela) के पास गंगा में सम्मिलित हो जाती है |



 पश्चिम बंगाल के सीमा (border) से  मालदा ( Malda ) के पास से होते हुए महानंदा नदी (Mahananda River )  जो दार्जिलिंग के पहाड़ों से बनकर निकलती है ,  वह बांग्लादेश के नवाबगंज डिस्ट्रिक्ट  ( Nawab Ganj ) में गंगा में सम्मिलित हो जाती है |


और फिर गंगा , बंगाल के सागर आईलैंड  (Sagar Island) के पास , समुद्र में मिल जाती है |




 अब हम बात करते हैं Himalaya  से निकली एक और सबसे बड़ी नदी ब्रह्मपुत्र की | 


 ब्रह्मपुत्र  (Brahmaputra) नदी मानसरोवर लेक के पास चेमायुंग दुंग ग्लेशियर से बनकर निकलती है और यह तिब्बत के कई जगहों पर बहती है | 


यहां पर यह नदी यरलुंग त्संगपो  या   साम्पो के नाम से भी जाने जाती है , फिर यह नदी भारत के अरुणाचल प्रदेश के सदिया टाउन से प्रवेश करती है यहां इस नदी को कि दीहांन्ग(Dihang)  के नाम से भी जाना जाता है , 


और फिर यह नदी लोहित( Lohit )  नदी जो इंडिया और चाइना दोनों की नदी है उसके साथ मिल जाती है और फिर यहां से ब्रह्मपुत्र नदी कहलाती है |


फिर ब्रह्मपुत्र नदी में आगे चलकर आसाम( Asam) में कई छोटी छोटी नदियां जो कि तिब्बत (Tibet) से निकलती हैं , जिनमें मुख्य नदियां सुभाषरी( subansiri) ,   केमंग (kemeng) , मानस (Manas) और संकोस (sankosh) नदी है जो ब्रह्मपुत्र नदी में मिल जाती है|


फिर ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश में प्रवेश करती है यहां पर तीस्ता (Teesta)  नदी और पदमा (Padma) नदी में मिलती है और फिर बे ऑफ बंगाल ( Bay Of Bengal) के समुद्र में चली जाती है |




दोस्तों  अभी तक हमने नार्दन प्लेटो(Northern Plateu)  के बारे में जाना , अब हम Peninsular(पेनिनसुलर)  नदियों की बात करते हैं : 



आपने देखा था कि चंबल (Chambal ) , बेतवा(Betwa) ,  केन (Kane) , और सन (Son) नदी जो सब Peninsular Plateu का पार्ट है , जो सब गंगा,  यमुना में शामिल हो जाती हैं |






इन नदियों के अलावा पेनिनसुलर  (Peninsular)    की मुख्य नदियां हैं : महानदी (Mahanadi) , गोदावरी (Godavri) , कृष्णा (Krishna ) , कावेरी (Kaveri ) , नर्मदा (Narmada) और तापी (Tapi)


 इन नदियों में अधिकतर नदिया WEST  से EAST की ओर बहती हैं  , बे ऑफ बंगाल  ( Bay Of Bengal )  में जाकर मिल जाती हैं | 



 यह नदियां ज्यादातर पश्चिमी घाट ( WESTERN GHATS)  से बनकर निकलती है , जबकि सिर्फ नर्मदा ( Narmada).और ताप्ती (Tapti) दो ऐसी नदियां हैं जो EAST  से WEST की ओर बहती हैं और अरेबियन सागर (Arabean Sea)  में जाकर मिल जाती है |




अब हम सबसे पहले नर्मदा रिवर ( Narmada river  )  की बात करते हैं | 


नर्मदा रिवर Amarkantak plateau जो मध्य प्रदेश के अनूपपुर में स्थित है वहां से बनकर निकलती है 


यह नदी सतपुरा (Satpura) और विंध्या (Vindhyan) घाटी से बहती हुई संगमरमर की चट्टानों में खूबसूरत महाखंड बनाते हैं और फिर जबलपुर के पास धुआंधार  झरना ( Duadhar waterfall ) बनाती है | 


 यह गुजरात होते हुए  खंभात की खाड़ी (Gulf of khumbat )  से होकर अरेबियन सागर (Arabean Sea)  में शामिल हो जाती है | 


 सरदार सरोवर प्रोजेक्ट ( Sardar Sarover Project) इसी  नदी में बना है |  इस नदी को गुजरात और मध्य प्रदेश की लाइफ लाइन भी कहा जाता है |





अब हम बात करेंगे ताप्ती नदी (Taptii River ) की 


यह नदी  मुलताई(Multai)  मध्य प्रदेश के बैतूल (Betul) डिस्ट्रिक्ट से बनकर निकलती है , फिर यह मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र में दाखिल हो जाती है |


 यह नदी 79% महाराष्ट्र में बहती है और और फिर गुजरात से होते हुए अरेबियन सागर (Arabean Sea)  में दाखिल हो जाती है | 





अब बात करते हैं गोदावरी नदी  (Godavri ) की , इसे दक्षिण गंगा भी कहा जाता है |



यह महाराष्ट्र के नासिक डिस्ट्रिक्ट (Nashik District) के पास त्रियंबकेश्वर टाउन के ब्रह्मागिरी (Brahmagiri Hill ) से बनकर निकलती है |


इसमें आगे चलकर ( Wainganga River ) जो मध्य प्रदेश के सतपुरा घाटी  (Satpura Ghati ) से बनकर निकलती है और तेलंगाना (Telangana)  के अदिलाबाद( Adilabad ) के वर्धा ( Wardha) धरने के साथ मिलने के बाद इसको प्राणहिता नदी  के नाम से भी जाना जाता है ,  वह गोदावरी में तेलंगाना के कलेश्वरम में जाकर सम्मिलित हो जाती है |






आगे इंद्रावती नदी ,  जो उड़ीसा कालाहांडी डिस्टिक (Kalahandi District) के ईस्टर्न घाट (Eastern Ghats).से बनकर निकलती है और यह सोम्नूर संगम(Somnoor Sangam)  जो महाराष्ट्र के घुमाकंडा (Gumakanda) में आता है और यह छत्तीसगढ़ और तेलंगाना दोनों का बॉर्डर है , वहां पर गोदावरी नदी में मिल जाती है और यह Andhra Pradesh से होते हुए Bay of Bangal में जाकर मिल जाती है  |


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अब हम बात करते हैं ( कृष्णा नदी )  Krishna river की : 


 


कृष्णा नदी , Western Ghat से महाबलेश्वर(Mahabaleswar) महाराष्ट्र के पास से बनकर निकलती है और आगे चलकर महाबलेश्वर से एक और निकली नदी कोयना (Koyana river)  , महाराष्ट्र के करास सिटी  (Karas City) में प्रीती संगम  (Pritisangam) में Krishna नदी में मिल जाती है |


आगे घटप्रभा रिवर (Ghatprabha River ) , जो महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग डिस्ट्रिक्ट  ( Sindhudurg) के  Western Ghat बनकर निकलती है और फिर यह कर्नाटका (Karnatka)   के अलमट्टी (Almatti )  में कृष्णा रिवर में मिल जाती है | 


भीमा रिवर (Bhima River) ,  जो भीमाशंकर टेंपल जोकि तालुका हिल (Taluka hills )  , पुणे(pune)  में है ,  वहां के घाट से बनकर निकलती है और यह कर्नाटका में रायचूर सिटी (Raichur City ) , जो कि तेलंगाना का Border भी है , वहां ये कृष्णा नदी में मिल जाती है |





आगे तुंगभद्रा रिवर (Tungbhadra River )  जो कर्नाटका के कोड़ी (Kodi )  में 2 नदियां तुंग रिवर (Tung River )  और भद्रा रिवर (Bhadra River ) के मिलने से बनती है |


यह दोनों River कर्नाटका के चिकमंगलूर डिस्ट्रिक्ट ( Chikmanglur District ) से बनकर निकलती है , यह तुंगभद्रा रिवर कर्नाटका से होते हुए आंध्र प्रदेश कुरनूल (Kurnool ) डिस्टिक में  Krishna river में मिल जाती है | 


आगे इसी Krishna river में तेलंगाना के विकाराबाद ( Vikarabad )  के अनंतगिरी (Anantgiri) से निकली नदी मूसी रिवर (Musi River)  है ,  जो आंध्र प्रदेश के नालगोंडा डिस्ट्रिक्ट (Nalgonda) के बडापली ( Vadapali ) में Krishna river में सम्मिलित हो जाती है और फिर कृष्णा नदी विजयवाड़ा (Vijaywada)  होते हुए आंध्र प्रदेश के Hamasaladeevi से Bay of Bangal चली जाती है | 



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अब बात करते South से बहने वाली नदी Kaveri नदी की : 


( Kaveri )   कावेरी नदी Western Ghat की ब्रह्मागिरी घाटी से जो कर्नाटका के कोडागु डिस्ट्रिक्ट (Kodagu District ) में है वहां से बनकर निकलती है , 


यहां कोडागु डिस्ट्रिक्ट  (Kodagu District )   के पुष्पगिरी Hill से निकली और छोटी नदी Harangi River , बड़ी नदी Kaveri में कर्नाटक के Udigo के पास सम्मिलित हो जाती है| 


 फिर इसके बाद कर्नाटका के Chikmagalur district के Western Ghat से निकली Hemavati RiverKarnataka के  KrishnaRaja Sagara मैं कावेरी नदी में मिल जाती है | 


आगे Kamini River जो Kerala के Waynand district से बनकर निकलती है आगे चलकर Karnataka के Tirumakudal Narasipura में Kaveri नदी में सम्मिलित हो जाती है |


Kerala से एक और नदी Bhavani River जो Nilgiri Hills केरला से बनकर तमिलनाडु की ओर बहती है , वह तमिलनाडु के Kooduthurai जो Sangameshwar Temple Bhavani के पास है वहां पर कावेरी नदी में सम्मिलित हो जाती है |


Noyal River जो कि तमिलनाडु की River है जो तमिलनाडु के Velliangiri Hills Kerala की सीमा पर है वहां से बनकर निकलती है और Karur district के  Noyal गांव में जाकर मिल जाती है |



 तमिलनाडु की एक और सबसे बड़ी नदी अमरावती (Amravati )  जो कि केरल और तमिलनाडु के बॉर्डर में स्थित Annamalai Hills  और Palani Hills के बीच से बनकर निकलती है और यह करूर डिस्ट्रिक्ट (Karur District )  के पास कावेरी में सम्मिलित हो जाती है |



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